जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दिपके ने गुरुवार को आरोप लगाया कि आंदोलन को बदनाम करने और माहौल बिगाड़ने के लिए बाहर से लोगों को भेजा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन पिछले एक महीने से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन जैसे-जैसे इसे व्यापक समर्थन मिलने लगा, वैसे-वैसे कुछ असामाजिक तत्वों को जानबूझकर प्रदर्शन स्थल पर भेजा गया।
अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े लोग प्रदर्शन के दौरान पथराव कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम यहां पिछले एक महीने से बैठे हैं और इस दौरान ऐसी कोई घटना नहीं हुई। अब जब आंदोलन मजबूत हुआ है, तब बाहर से गुंडों को भेजकर माहौल खराब किया जा रहा है।"
दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस प्रदर्शन स्थल पर पत्थरों से भरे ट्रक लेकर आती है और फिर भाजपा समर्थक कथित रूप से पथराव कर आंदोलनकारियों को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
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उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज को "बेहद क्रूर" बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अदालत का रुख किया जाएगा। दिपके के अनुसार, आंदोलन का यह 34वां दिन है, जबकि सोनम वांगचुक का आमरण अनशन 26वें दिन में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अनशन समाप्त करने की भी अपील की।
वहीं, सीजेपी के नेता सौरव दास ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी "गैर-परक्राम्य" (नॉन-नेगोशिएबल) मांग है। उन्होंने बताया कि उनकी दिन में कई बार सोनम वांगचुक से बातचीत हुई और सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व के आंदोलनों की तरह इस बार भी असामाजिक तत्वों के जरिए प्रदर्शन को भटकाने की कोशिश की जा रही है।
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