तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने ‘तमिल थाई वाझ्थु’ प्रस्ताव को सर्वसम्मति से समर्थन मिलने की सराहना की है। उन्होंने कहा कि तमिल केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि यह विचार, संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने तमिल को लोगों के जीवन और भावनाओं से जुड़ा हुआ बताया।
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि तमिल को केवल भाषा के रूप में देखना उचित नहीं है। उनके अनुसार, तमिल एक ऐसी विचारधारा और सांस्कृतिक विरासत है, जिसने लोगों के जीवन और समाज को लंबे समय से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि तमिल के साथ लोगों की भावनाएं गहराई से जुड़ी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिल भाषा के महत्व को उनकी सरकार ने पूरी तरह समझा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तमिल केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि विचार, संस्कृति और सभ्यता की पहचान भी है। विजय ने कहा कि तमिलनाडु सरकार इस भावना को समझते हुए तमिल भाषा और उससे जुड़ी सांस्कृतिक पहचान को महत्व दे रही है।
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‘तमिल थाई वाझ्थु’ तमिल भाषा के सम्मान में गाया जाने वाला पारंपरिक तमिल गीत है। प्रस्ताव को सर्वसम्मति से समर्थन मिलने को मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह समर्थन तमिल भाषा के प्रति लोगों के गहरे लगाव और सम्मान को दर्शाता है।
विजय ने अपने संदेश में तमिल को लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि तमिल उनके लिए केवल शब्दों या भाषा की सीमाओं तक सीमित नहीं है। यह उनकी पहचान, भावनाओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हुई है।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब तमिल भाषा और संस्कृति से जुड़े मुद्दे तमिलनाडु की सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उन्होंने ‘तमिल थाई वाझ्थु’ प्रस्ताव को मिले व्यापक समर्थन को तमिल गौरव और सांस्कृतिक भावना की अभिव्यक्ति के रूप में रेखांकित किया।
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