दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। यह इमारत लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट आवास के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। इमारत में कथित तौर पर बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था, उसी दौरान पूरी संरचना ढह गई।
हादसे के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया है, ताकि वह देश से बाहर न जा सके और जांच एजेंसियों की पकड़ से बच न पाए।
50 साल पुरानी थी इमारत
हादसे का शिकार हुई इमारत का नाम होस्टल डेज बताया गया है। यह दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज के सामने स्थित थी। इमारत में एक बेसमेंट और उसके ऊपर पांच मंजिलें थीं तथा इसकी उम्र करीब 50 साल बताई जा रही है।
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घटना के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चलने की बात सामने आई है। इसके बाद इमारत अचानक भरभराकर गिर गई और कई लोग मलबे में दब गए।
कई एजेंसियां राहत-बचाव में जुटीं
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं। कई घंटों तक मलबे में फंसे लोगों की तलाश और बचाव अभियान चलाया गया।
मामले में पुलिस ने इमारत मालिक हरिराम बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105, 290 और 125(ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस हादसे के कारणों और निर्माण व मरम्मत कार्य से जुड़े नियमों की भी जांच कर रही है।
हादसे के बाद राजधानी में पुरानी और असुरक्षित इमारतों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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