दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला अदालतों में तकनीकी सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले को अदालत की ई-कमेटी के समक्ष विचार के लिए भेज दिया है। याचिका में जिला अदालतों में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं को दिल्ली हाईकोर्ट के स्तर के अनुरूप बनाने की मांग की गई है।
जनहित याचिका में जिला अदालतों में ई-निरीक्षण और ई-सत्य प्रतिलिपि से संबंधित नियमों को लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए अन्य आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं को भी जिला अदालतों में लागू करने का अनुरोध किया गया है।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत के समक्ष एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया गया। इसमें न्यायाधीशों के अवकाश पर जाने की जानकारी पक्षकारों और वकीलों को पहले से उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई। याचिकाकर्ता का कहना था कि यदि न्यायाधीश के अवकाश की जानकारी समय रहते मिल जाए, तो वकील और पक्षकार अपनी सुनवाई और अन्य कानूनी कार्यवाही की बेहतर योजना बना सकते हैं।
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याचिका में कहा गया कि जिला अदालतें आम नागरिकों के लिए न्याय व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण स्तर हैं। ऐसे में वहां भी आधुनिक तकनीक और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है। इससे मामलों की सुनवाई, दस्तावेजों तक पहुंच और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न कार्यों में समय की बचत हो सकती है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले को ई-कमेटी के पास भेजते हुए तकनीकी उन्नयन से जुड़े पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया। ई-कमेटी जिला अदालतों में मौजूदा तकनीकी व्यवस्था और आवश्यक सुधारों पर विचार करेगी।
इस कदम से दिल्ली की जिला अदालतों में डिजिटल सुविधाओं को और मजबूत करने तथा हाईकोर्ट और निचली अदालतों के बीच तकनीकी अंतर कम करने की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है।
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