दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित ठग सुकैश चंद्रशेखर की करीबी सहयोगी की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। यह याचिका 200 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूली मामले में निचली अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के खिलाफ दाखिल की गई है।
मामले की सुनवाई बुधवार, 8 जुलाई 2026 को हुई। हाईकोर्ट ने पुलिस से इस याचिका पर अपना पक्ष रखने को कहा है। याचिका दायर करने वाली सुकैश चंद्रशेखर की सहयोगी ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उसके खिलाफ आरोप तय किए गए थे।
इस मामले में 3 जून को ट्रायल कोर्ट ने सुकैश चंद्रशेखर, पिंकी ईरानी और 19 अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। इनमें कड़े महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के प्रावधान भी शामिल हैं।
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आरोप है कि 200 करोड़ रुपये की रंगदारी से जुड़े इस मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई थी। जांच एजेंसियों ने मामले में कथित तौर पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और संगठित अपराध से जुड़े पहलुओं की जांच की है।
सुकैश चंद्रशेखर पहले भी कई बड़े धोखाधड़ी मामलों को लेकर जांच एजेंसियों के निशाने पर रह चुका है। उसके खिलाफ विभिन्न मामलों में कार्रवाई चल रही है। वहीं, इस मामले में आरोपियों ने अदालत में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को चुनौती दी है।
दिल्ली हाईकोर्ट अब इस मामले में पुलिस के जवाब के बाद आगे की सुनवाई करेगा। अदालत के समक्ष यह तय किया जाएगा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोप तय करने की प्रक्रिया में कोई कानूनी त्रुटि हुई है या नहीं।
फिलहाल मामले में सभी आरोपियों की भूमिका और जांच से जुड़े तथ्यों पर कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस और जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।
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