महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्र सरकार में शामिल होने की अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वह महाराष्ट्र में ही रहकर जनता की सेवा करेंगे। हाल ही में उनकी दिल्ली यात्रा के बाद ऐसी चर्चाएं तेज हो गई थीं कि उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कर शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। हालांकि, फडणवीस ने इन सभी अटकलों को निराधार बताया।
उन्होंने कहा, "कल मैं दिल्ली से नागपुर आया, आज मैं नागपुर में हूं और शाम को मुंबई जाऊंगा। मैं महाराष्ट्र में हूं और महाराष्ट्र में ही रहूंगा।" उनके इस बयान के बाद केंद्र सरकार में उनकी संभावित भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया।
मुख्यमंत्री ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे की संयुक्त रैली पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें जश्न मनाने का कोई कारण मिला है तो इसमें कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा, "वे खुश हैं तो हमें भी खुशी है।"
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फडणवीस ने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसे मामले पूरे देश के युवाओं से जुड़े हैं, इसलिए इन पर गंभीरता से कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए समय पर संवेदनशील फैसले लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि केंद्र सरकार सोमवार को पेपर लीक जैसी घटनाओं से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण एंटी-पेपर लीक विधेयक पेश कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के प्रावधान होंगे, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।
उद्धव ठाकरे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि पिछले दस वर्षों में ऐसे बयान कई बार दिए गए हैं, लेकिन उनका जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी को देशभर में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है और सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता इसका प्रमाण है।
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