तमिलनाडु के मदुरै में बुधवार को डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं ने कथित करोड़ों रुपये के कचरा प्रबंधन और मजदूरी घोटाले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मदुरै जिला कलेक्टर कार्यालय के प्रवेश द्वार पर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
डीवाईएफआई और एसएफआई के नेताओं का आरोप है कि एक निजी कचरा प्रबंधन ठेकेदार द्वारा सफाई कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। उनका दावा है कि सफाई कर्मचारियों के वेतन भुगतान और कचरा प्रबंधन कार्यों से जुड़े रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस कथित घोटाले के कारण न केवल सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है, बल्कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों का भी हनन हुआ है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को समय पर और उचित वेतन नहीं दिया गया, जबकि दस्तावेजों में अलग-अलग आंकड़े दिखाए गए हैं।
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आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन से मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। कुछ समय तक कलेक्टर कार्यालय के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, लेकिन बाद में अधिकारियों द्वारा ज्ञापन स्वीकार किए जाने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ।
डीवाईएफआई और एसएफआई नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। फिलहाल प्रशासन ने शिकायतों की जांच का आश्वासन दिया है और मामले की पड़ताल शुरू करने की बात कही है।
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