निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में सख्त कार्रवाई करते हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कथित “गंभीर कदाचार” और निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने के आरोप में पांच पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया है। आयोग ने राज्य सरकार को यह निर्देश डायमंड हार्बर क्षेत्र से जुड़े मामलों की जांच रिपोर्ट के आधार पर दिया है।
निलंबित किए गए अधिकारियों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप गराई, एसडीपीओ सजल मंडल, डायमंड हार्बर थाना प्रभारी मौसम चक्रवर्ती, फलता थाना प्रभारी अजय बाग और उस्ती थाना प्रभारी सुभेच्छा बाग शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में कहा कि इन अधिकारियों के खिलाफ गंभीर अनुशासनहीनता और चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता न बरतने के स्पष्ट संकेत मिले हैं। आयोग ने निर्देश दिया कि इन सभी के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाए और विभागीय जांच शुरू की जाए।
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इसके साथ ही आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में कहा कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप गराई, जो आईपीएस अधिकारी हैं, के मामले की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी जाए ताकि उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सके।
आयोग ने डायमंड हार्बर के पुलिस अधीक्षक इशानी पाल को भी चेतावनी जारी की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर चुनावी ड्यूटी के दौरान अनुशासन और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की।
राज्य प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वह इस आदेश को तुरंत लागू करे और 25 अप्रैल को सुबह 11 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट आयोग को सौंपे।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसमें 92.88 प्रतिशत का उच्च मतदान दर्ज किया गया। मतदान के दौरान छिटपुट हिंसा के बावजूद बड़ी संख्या में मतदाताओं की भागीदारी देखी गई, जिसे लेकर राजनीतिक दलों ने अलग-अलग दावे किए हैं।
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