महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष की आलोचना पर निशाना साधते हुए उस पर “दोहरे मापदंड” अपनाने का आरोप लगाया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब इंडिया ब्लॉक छह अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित मार्च निकालने की तैयारी कर रहा है।
एकनाथ शिंदे ने विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग को लेकर उसकी आपत्तियों में एकरूपता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अलग-अलग परिस्थितियों में अलग-अलग मानदंड अपनाता है और अपनी सुविधा के अनुसार चुनावी संस्थाओं पर सवाल उठाता है।
इंडिया ब्लॉक की ओर से छह अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने की तैयारी है। विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में एकनाथ शिंदे की टिप्पणी सामने आई है।
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की आलोचना को लेकर विपक्ष के रवैये को “दोहरे मापदंड” वाला बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनावी संस्थाओं के संबंध में अपने रुख में समानता और स्पष्टता रखनी चाहिए।
इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित मार्च को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्षी दल चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली में एकजुट होकर अपनी बात रखने की तैयारी में हैं। वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष विपक्ष के आरोपों पर लगातार प्रतिक्रिया दे रहा है।
एकनाथ शिंदे का बयान इसी राजनीतिक खींचतान के बीच आया है। उन्होंने विपक्ष की आलोचना को चुनौती देते हुए चुनाव आयोग को लेकर उसके रुख पर सवाल उठाए हैं। छह अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित मार्च के दौरान विपक्षी दल अपनी मांगों और आपत्तियों को सामने रखेंगे।
चुनाव आयोग को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी यह राजनीतिक विवाद अब दिल्ली में होने वाले मार्च के साथ और चर्चा में आने की संभावना है। दोनों पक्ष अपने-अपने रुख के समर्थन में तर्क दे रहे हैं।
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