ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी के बाद यूरोपीय संघ (EU) ने गंभीर चिंता जताई है। यूरोपीय संघ के नेताओं ने चेतावनी दी है कि इस तरह के कदम से अमेरिका और यूरोप के बीच संबंधों में “खतरनाक गिरावट का सिलसिला” शुरू हो सकता है।
यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के राजदूत 18 जनवरी को एक आपातकालीन बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में ट्रंप की टैरिफ धमकी पर यूरोपीय संघ की साझा रणनीति और संभावित प्रतिक्रिया पर चर्चा की जाएगी। यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है, जब वैश्विक व्यापार पहले ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा है।
शनिवार, 17 जनवरी 2026 को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि टैरिफ लगाने से ट्रांसअटलांटिक संबंध कमजोर होंगे और इससे हालात एक खतरनाक दिशा में जा सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूरोप एकजुट रहेगा, समन्वित तरीके से काम करेगा और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
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डोनाल्ड ट्रंप ने यह संकेत दिया है कि जब तक अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं देती, तब तक यूरोपीय सहयोगियों पर बढ़ते हुए टैरिफ लगाए जा सकते हैं। ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक स्वायत्त क्षेत्र है और इस पर अमेरिका की खरीद की संभावना को पहले भी डेनमार्क और यूरोपीय संघ ने सख्ती से खारिज किया है।
यूरोपीय संघ के नेताओं का मानना है कि इस तरह की धमकियां न केवल आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुंचा सकती हैं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे अमेरिका-यूरोप सहयोग को भी कमजोर कर सकती हैं।
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