मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच यूरोपीय नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ऊर्जा व जल अवसंरचना पर हमलों को रोकने की मांग की है। बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में हुई बैठक में यूरोपीय संघ के 27 देशों के नेताओं ने इस मुद्दे पर गहन चर्चा की।
यूरोपीय परिषद ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि वे नागरिकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हैं और इस संघर्ष के आर्थिक स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। नेताओं ने युद्धरत पक्षों से “तनाव कम करने और अधिकतम संयम” बरतने की अपील की।
बैठक के दौरान यूरोपीय संघ के नेताओं ने ईरान से फारस की खाड़ी के पड़ोसी देशों पर हमले बंद करने को कहा। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया ताकि बड़े पैमाने पर शरणार्थी संकट को रोका जा सके। कुछ देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार किया।
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हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सैन्य सहयोग की अपील के बावजूद यूरोपीय देशों ने सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया। ब्रिटेन ने स्पष्ट रूप से युद्ध में भाग लेने से मना कर दिया, जबकि फ्रांस ने कहा कि पहले संघर्ष कम होना चाहिए।
ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने कहा कि यूरोप खुद को किसी भी तरह के दबाव में नहीं आने देगा और न ही अमेरिका-इज़राइल के सैन्य अभियान में शामिल होगा।
इस बीच, यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन के लिए वित्तीय सहायता के वैकल्पिक उपायों पर भी चर्चा की, क्योंकि हंगरी ने बड़े कर्ज प्रस्ताव का विरोध किया है।
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