असम की 16वीं विधानसभा का बजट सत्र 6 जुलाई से शुरू होगा। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के खंड (1) के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए विधानसभा सत्र बुलाने का आदेश जारी किया है।
जारी अधिसूचना के अनुसार, विधानसभा का बजट सत्र 6 जुलाई से प्रारंभ होगा, जिसमें राज्य सरकार आगामी वित्तीय योजनाओं, बजट प्रस्तावों और विभिन्न विकास कार्यक्रमों पर चर्चा करेगी। इस सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत मामलों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत राज्यपाल को विधानसभा को बुलाने, स्थगित करने तथा सत्रावसान करने का अधिकार प्राप्त है। इसी प्रावधान के तहत राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने असम विधानसभा के बजट सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी है।
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राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें राज्य सरकार अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं और विकास योजनाओं का खाका प्रस्तुत करेगी। विपक्षी दल भी विभिन्न जनहित के मुद्दों, राज्य की आर्थिक स्थिति, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे विषयों को सदन में उठाने की तैयारी कर रहे हैं।
असम सरकार द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला बजट राज्य के विकास एजेंडे की दिशा तय करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सत्र में ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचा, कृषि, उद्योग और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए आवंटित धनराशि पर विशेष ध्यान रहेगा।
विधानसभा का यह सत्र राज्य की राजनीतिक गतिविधियों और नीति निर्धारण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। सरकार और विपक्ष दोनों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कौन-कौन से नए प्रस्ताव और योजनाएं सामने आती हैं।
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