तेलंगाना के सिकंदराबाद स्थित हाई-सिक्योरिटी कैंटोनमेंट में हथियारों की चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच के मुताबिक, सेना से बर्खास्त एक पूर्व हवलदार स्कूटी से कैंटोनमेंट में दाखिल हुआ, शस्त्रागार का ताला तोड़ा और 12 सैन्य हथियार व गोला-बारूद लेकर फरार हो गया। यह कार्रवाई दक्षिणी कमान की मिलिट्री इंटेलिजेंस और तेलंगाना पुलिस की संयुक्त जांच में सामने आई है।
घटना बोलारम स्थित 20वीं मद्रास रेजिमेंट की बताई गई है। आरोपी को 30 जून को सेवा से बर्खास्त किया गया था। उसने 29 और 30 अगस्त की रात चोरी को अंजाम दिया। उस दौरान पूरी बटालियन, जिसमें कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल थे, फील्ड फायरिंग के लिए पोखरण गई हुई थी।
जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी ने 29 अगस्त की रात शस्त्रागार का ताला तोड़ा और एके राइफल, इंसास राइफल समेत 12 हथियार और गोला-बारूद निकाला। उसने पहले इन्हें कैंटोनमेंट के बाहर घनी झाड़ियों में छिपा दिया और खुद को उसी रेजिमेंट का सदस्य बताकर संदेह से बचने की कोशिश की।
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इसके बाद उसने चोरी का सामान एक्टिवा पर लादा और घर चला गया। अगले दिन उसने हथियारों को अपनी कार में रखा, हाईवे से बचते हुए नागारकर्नूल जिले में पहुंचा और वहां हथियारों को जमीन में छिपा दिया।
चोरी का पता 31 अगस्त को हथियारों की सूची की जांच के दौरान चला। इसके बाद सरकारी संपत्ति की चोरी और रात में सेंधमारी का मामला दर्ज किया गया। जांच टीम ने 70 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की, लेकिन सुराग नहीं मिला। बाद में मोबाइल टावर लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सुरागों के आधार पर जांच पूर्व सैनिक तक पहुंची।
पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि कमांडिंग ऑफिसर द्वारा उसके खराब आचरण के कारण तीन साल का सेवा विस्तार नहीं देने से वह नाराज था। हालांकि जांचकर्ताओं को यह कहानी संदिग्ध लग रही है।
जांच में छह से सात सेवारत सैन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और तीन लोग हिरासत में हैं। अधिकारियों को शक है कि हथियार चोरी में अंदरूनी मदद मिली हो सकती है। बरामद हथियारों के आधार पर अब यह भी जांच की जा रही है कि कहीं उन्हें किसी देशविरोधी तत्व तक पहुंचाने की साजिश तो नहीं थी।
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