हैदराबाद में सिकंदराबाद स्थित मद्रास रेजिमेंट के शस्त्रागार से सैन्य स्तर के हथियारों और गोला-बारूद की चोरी का मामला 10 दिन की जांच के बाद सुलझा लिया गया है। तेलंगाना काउंटर इंटेलिजेंस, हैदराबाद टास्क फोर्स और मल्काजगिरी पुलिस की संयुक्त टीम ने चोरी किए गए सभी हथियार और गोला-बारूद बरामद कर लिए हैं। जांच के दौरान एक अंदरूनी व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
चोरी का मामला 31 अगस्त को सामने आया, जब मद्रास रेजिमेंट के एक लेफ्टिनेंट कर्नल ने हैदराबाद के मल्काजगिरी पुलिस क्षेत्र के बोलाराम थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, शस्त्रागार के दो भंडारण कक्षों के ताले तोड़े गए थे। दोनों कमरे करीब 40 मीटर की दूरी पर स्थित हैं। जांच में बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद गायब मिला।
चोरी किए गए सामान में चार 7.62x39 मिमी एके-203 असॉल्ट राइफल, एक 5.56 मिमी इंसास 1B1 राइफल, नौ मिमी की छह ऑटो 1A पिस्तौल और एक 6.35 बोर की नागरिक पिस्तौल शामिल थी। इसके अलावा 21 मैगजीन, एक पैसिव नाइट-विजन दूरबीन और 1,900 से अधिक जिंदा कारतूस भी गायब थे।
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जांच में स्थानीय पुलिस के साथ सैन्य खुफिया और केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल थीं। शुरुआत में करीब 10 सैन्य कर्मियों से पूछताछ की गई। बाद में जांच का दायरा सीमित करते हुए प्रमुख संदिग्धों पर ध्यान केंद्रित किया गया। जांचकर्ताओं को संदेह है कि चोरी में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका थी। बताया जा रहा है कि खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों और रात में सुरक्षा व्यवस्था की अपर्याप्त निगरानी का फायदा उठाया गया।
सभी चोरी किए गए सैन्य हथियार और गोला-बारूद बरामद हो चुके हैं। हालांकि, अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि हथियारों को कहां और किस नेटवर्क के जरिए ले जाया गया तथा क्या इस मामले के तार काले बाजार से जुड़े हैं।
अधिकारियों की ओर से जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ लगाई गई धाराओं को लेकर विस्तृत बयान जारी किए जाने की उम्मीद है।
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