महाराष्ट्र की मिसिंग लिंक परियोजना को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परियोजना के आलोचकों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने हालिया बयान में विरोधियों के लिए पहले इस्तेमाल किए गए 'भाड़े के टट्टू' शब्द को वापस लेने की बात कही, लेकिन उसकी जगह 'भटका गर्दभ' (भटका हुआ गधा) और 'सुपारीबाज़' जैसे शब्दों का प्रयोग किया।
फडणवीस ने कहा, "मैं 'भाड़े के टट्टू' शब्द वापस लेता हूं और शालीन भाषा का उपयोग करते हुए उसकी जगह 'भटका गर्दभ' शब्द का इस्तेमाल करता हूं। यदि इसके बाद भी किसी को समझ नहीं आता, तो उन्हें 'सुपारीबाज़' कहा जा सकता है। हालांकि मेरा निशाना केवल कुछ ऐसे लोगों पर था जो किसी के इशारे पर काम करते हैं।"
मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज ठाकरे पर भी निशाना साधा और उन्हें "मिमिक्री कलाकार" बताया। उनका कहना था कि केवल भाषणों और नकल करने से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता, बल्कि विकास कार्यों और ठोस योजनाओं से लोगों का भरोसा हासिल होता है।
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मिसिंग लिंक परियोजना को लेकर राज्य में पिछले कुछ समय से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि यह परियोजना यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
फडणवीस ने दावा किया कि सरकार विकास कार्यों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राजनीतिक विरोध के कारण जनहित की परियोजनाओं को नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता विकास चाहती है और सरकार उसी दिशा में लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और अधिक तेज हो सकती है।
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