महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने बुधवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य के सभी सरकारी मेडिकल अस्पतालों में भर्ती और इलाज कराने वाले मरीजों को अब सभी आवश्यक दवाएं अस्पताल की ओर से ही उपलब्ध कराई जाएंगी। मरीजों या उनके परिजनों को दवाओं के लिए बाहर मेडिकल स्टोर पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों को डॉक्टरों द्वारा लिखी गई जरूरी दवाएं समय पर उपलब्ध हों।
उन्होंने बताया कि सरकारी मेडिकल अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता की लगातार निगरानी की जाएगी। यदि किसी अस्पताल में दवाओं की कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।
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महाराष्ट्र सरकार का यह कदम मरीजों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई बार मरीजों को अस्पताल में इलाज के दौरान महंगी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती थीं, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को परेशानी होती थी।
मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने अस्पताल प्रशासन से अपील की कि मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दवा वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। सरकार के इस फैसले से महाराष्ट्र के सरकारी मेडिकल अस्पतालों में इलाज कराने वाले हजारों मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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