केंद्र सरकार ने कहा है कि खरीफ 2026 सीजन के लिए देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बावजूद किसानों को उर्वरकों की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि कृषि गतिविधियों को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
उर्वरक विभाग की संयुक्त सचिव वंदना प्रयाशी ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (डीए एंड एफडब्ल्यू) ने खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की आवश्यकता का पुनर्मूल्यांकन किया है। विभाग के अनुसार, खरीफ 2026 के दौरान कुल 383.9 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) उर्वरकों की जरूरत होगी।
उन्होंने कहा कि इस मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। सरकार लगातार घरेलू उत्पादन, आयात और वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रही है ताकि किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके।
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अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव, आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी परिस्थितियों के बावजूद भारत ने उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर मजबूत तैयारी की है। इससे खरीफ फसलों की बुआई और उत्पादन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।
सरकार ने यह भी बताया कि राज्यों के साथ समन्वय बनाकर उर्वरकों की मांग और आपूर्ति की नियमित समीक्षा की जा रही है। आवश्यकता वाले क्षेत्रों में समय रहते अतिरिक्त आपूर्ति भेजने की व्यवस्था भी की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता से धान, मक्का, दालों और तिलहन जैसी खरीफ फसलों की खेती को बल मिलेगा। इससे किसानों को राहत मिलेगी और कृषि उत्पादन के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और संतुलित उर्वरक उपयोग की वैज्ञानिक सलाह का पालन करें।
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