भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तरी रेलवे के अंबाला मंडल में ‘कवच’ परियोजना के लिए 201 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना का उद्देश्य ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाना, दुर्घटनाओं को रोकना और रेलवे नेटवर्क को आधुनिक तकनीक से लैस करना है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, यह परियोजना 811 रूट किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगी। इसे भारतीय रेलवे के उन शेष मार्गों पर लागू किया जाएगा जहां अभी तक ‘कवच’ प्रणाली स्थापित नहीं की गई है। परियोजना को एलटीई (लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन) आधारित संचार नेटवर्क के साथ लागू किया जाएगा, जिससे ट्रेनों और नियंत्रण केंद्रों के बीच तेज और सुरक्षित संचार सुनिश्चित हो सकेगा।
‘कवच’ भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसका मुख्य उद्देश्य सिग्नल उल्लंघन, आमने-सामने की टक्कर और तेज गति से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है। यह प्रणाली चालक को समय रहते चेतावनी देती है और आवश्यक होने पर स्वतः ब्रेक लगाकर ट्रेन को नियंत्रित भी कर सकती है।
और पढ़ें: भीषण गर्मी में यात्रियों को राहत, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने प्रमुख स्टेशनों पर लगाए मिस्टिंग सिस्टम
अंबाला मंडल उत्तरी रेलवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां से बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां संचालित होती हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में ‘कवच’ प्रणाली का विस्तार रेलवे संचालन को और अधिक सुरक्षित तथा प्रभावी बनाएगा।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सुरक्षित, आधुनिक और आत्मनिर्भर रेलवे’ के विजन को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। आने वाले वर्षों में भारतीय रेलवे देशभर के प्रमुख रेल मार्गों पर ‘कवच’ प्रणाली लागू करने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है।
इस मंजूरी के साथ अंबाला मंडल में आधुनिक रेलवे सुरक्षा तकनीक के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन दक्षता दोनों में सुधार होगा।
और पढ़ें: मध्य प्रदेश रेल हादसा: आग की अफवाह से ट्रेन से कूदे यात्री, दूसरी ट्रेन की चपेट में आकर 4 की मौत