रूस के सेंट पीटर्सबर्ग शहर में लोगों ने हाल ही में एक बेहद दुर्लभ और मनमोहक नज़ारा देखा, जब रात के आसमान में एक नहीं बल्कि चार चांद दिखाई दिए। इस अद्भुत दृश्य को देखकर आसमान निहारने वाले लोग हैरान रह गए। जिनमें चांद के आसपास कई चमकते गोलाकार प्रकाश दिखाई दे रहे हैं।
इस दृश्य को वैज्ञानिक भाषा में पैरासेलीनी (Paraselenae) कहा जाता है। यह कोई खगोलीय घटना नहीं, बल्कि एक प्रकाशीय भ्रम (ऑप्टिकल इल्यूजन) है, जो खास वायुमंडलीय परिस्थितियों में बनता है। जब ठंडे वातावरण में चांदनी ऊंचाई पर मौजूद पतले सिरस या सिरोस्ट्रेटस बादलों से होकर गुजरती है, तो उनमें मौजूद षट्भुज (हेक्सागोनल) आकार के बर्फ के क्रिस्टल प्रकाश को मोड़ देते हैं। इसी कारण चांद के दोनों ओर चमकीले प्रकाश बिंदु दिखाई देने लगते हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो आसमान में कई चांद हों।
नासा के अनुसार, पैरासेलीनी आमतौर पर चांद से लगभग 22 डिग्री या उससे अधिक कोण पर दिखाई देते हैं। ये असली चांद की तुलना में काफी हल्के और धुंधले होते हैं। इन्हें तब देखना आसान होता है जब चांद क्षितिज के पास होता है, क्योंकि कम रोशनी में आसपास के प्रकाशीय पैटर्न ज्यादा स्पष्ट दिखते हैं।
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इन चमकीले बिंदुओं की ऊंचाई हमेशा चांद के बराबर बनी रहती है। इनका आकार और चमक बादलों में मौजूद बर्फ के क्रिस्टलों के आकार और स्थिति पर निर्भर करती है। यदि क्रिस्टल गिरते समय हिलते-डुलते हैं या उनके आकार अलग-अलग होते हैं, तो प्रकाश खंभों जैसे लंबे स्तंभ भी बन सकते हैं, जिन्हें लाइट पिलर्स कहा जाता है। स्काईब्रैरी के अनुसार, बड़े बर्फ क्रिस्टल अधिक ऊंचे और स्पष्ट प्रकाशीय दृश्य बनाते हैं, जिससे यह प्राकृतिक नज़ारा और भी आकर्षक हो जाता है।
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