वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत को लेकर गहरा भरोसा व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का दृष्टिकोण समावेशी विकास पर आधारित है और पार्टी किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है।
गडकरी ने कहा कि असम में मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे। मतगणना 4 मई को होगी। उन्होंने बताया कि भाजपा का मुख्य फोकस विकास और समग्र प्रगति पर है, खासकर उत्तर-पूर्वी भारत में। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के निवेश किए जा रहे हैं। इनमें से 1.5 लाख करोड़ के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 1.5 से 2 लाख करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा, 2 लाख करोड़ रुपये के और परियोजनाएं योजना में हैं।
गडकरी ने स्पष्ट किया कि भाजपा का विरोध अवैध घुसपैठ के खिलाफ है, किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं। उन्होंने कहा, “भारत साझा विरासत वाले लोगों को शरण दे सकता है, लेकिन अवैध प्रवेश को बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसा करने से देश धर्मशाला बन जाएगा।”
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पश्चिम बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए गडकरी ने कहा कि यहां राजनीतिक बदलाव के लिए जनसमर्थन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन और विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी, न कि टकराव पर। विशेष सघन निर्वाचन सूची (SIR) के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पार्टी राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि मानती है और किसी राजनीतिक विवाद में नहीं पड़ेगी।
गडकरी के ये बयान चुनावी माहौल में भाजपा की रणनीति और विकास पर जोर को स्पष्ट करते हैं।
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