उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उद्घाटन किए गए गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि इस 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर वाणिज्यिक संचालन शुरू होने के बाद पहले 15 दिनों तक कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने IRB इंफ्रास्ट्रक्चर और अडानी इंफ्रास्ट्रक्चर को टोल वसूली 15 दिनों के लिए रोकने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में संचालन और रखरखाव के सभी मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
इस एक्सप्रेसवे पर दो टोल प्लाजा बनाए गए हैं और सामान्य स्थिति में यात्रियों को लगभग 1500 से 1800 रुपये तक का टोल देना होगा। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फास्टैग वार्षिक पास सुविधा इस एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगी। यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत DBFOT टोल फ्रेमवर्क पर विकसित की गई है, जिसमें कंपनियों को 27 वर्षों तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। यह मेगा प्रोजेक्ट मेरठ से प्रयागराज को जोड़ता है और उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और कृषि व्यापार को बढ़ावा देगा।
यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होकर गुजरता है और इसकी डिजाइन स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसे छह लेन के रूप में बनाया गया है जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। शाहजहांपुर के पास 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी भी बनाई गई है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं।
सुरक्षा के लिए इसमें आधुनिक तकनीक जैसे आईटीएमएस, सीसीटीवी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स और एंबुलेंस व्यवस्था भी की गई है।
यह प्रोजेक्ट राज्य के विकास को नई गति देने वाला माना जा रहा है।
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