भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को अपने पुराने विद्यालय सैनिक स्कूल रीवा का दौरा किया। यह वही संस्थान है, जहां से उन्होंने अपने सैन्य करियर की शुरुआत की थी। इस दौरे के दौरान उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कैडेट्स को प्रेरित किया।
जनरल द्विवेदी का यह दौरा भावनात्मक और प्रेरणादायक दोनों रहा। उन्होंने अपने छात्र जीवन की यादों को साझा करते हुए बताया कि सैनिक स्कूल ने उनके व्यक्तित्व और अनुशासन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इस संस्थान में मिली शिक्षा और प्रशिक्षण ने उन्हें सेना में उच्च पद तक पहुंचने के लिए मजबूत आधार दिया।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कैडेट्स को संबोधित करते हुए उन्हें अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने युवा छात्रों को अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने और कठिन परिस्थितियों में भी हार न मानने की सलाह दी।
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इस अवसर पर स्कूल प्रशासन और शिक्षकों ने भी उनका स्वागत किया और उनकी उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। जनरल द्विवेदी ने स्कूल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण भी किया और छात्रों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की।
उन्होंने कैडेट्स को यह भी बताया कि भारतीय सेना में करियर केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि देश की सेवा का अवसर है। उनके शब्दों ने छात्रों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार किया।
यह दौरा न केवल कैडेट्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शिक्षा संस्थान किस प्रकार भविष्य के नेताओं को तैयार करते हैं।
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