पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल तेज होता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी और केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा को खुली चेतावनी देते हुए कहा, “आपने खेल शुरू किया है, हम इसे खत्म करेंगे।”
जहांगीर खान ने आरोप लगाया कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारी और केंद्रीय बल टीएमसी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर जनता सड़कों पर उतर आई तो केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) भी नहीं टिक पाएगा। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।
इससे पहले डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी कहा था कि 4 मई के बाद देखा जाएगा कि दिल्ली से कौन उनकी मदद करता है। इन बयानों से चुनावी माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है।
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दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा क्षेत्र में टीएमसी समर्थकों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अजय पाल शर्मा चुनाव आयोग के निर्देशों से आगे बढ़कर पार्टी कार्यकर्ताओं को धमका रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि पर्यवेक्षक का काम निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है और किसी भी प्रकार की डराने-धमकाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अजय पाल शर्मा, जिन्हें उत्तर प्रदेश में ‘सिंघम’ के नाम से जाना जाता है, ने साफ कहा है कि वे किसी भी उम्मीदवार या समर्थक को मतदाताओं को प्रभावित करने नहीं देंगे।
राज्य में 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान होने हैं, जिसमें 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। ऐसे में नेताओं के तीखे बयान चुनावी माहौल को और संवेदनशील बना रहे हैं।
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