सरकार ने टेलीविजन चैनलों के लिए लागू 12 मिनट की विज्ञापन अवधि सीमा हटाने का फैसला किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बताया कि यह निर्णय केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 में संशोधन की अधिसूचना राजपत्र में जारी होने की तारीख से प्रभावी होगा।
मंत्रालय ने कहा कि टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। इन्हीं बदलावों को देखते हुए विज्ञापन की अवधि से संबंधित मौजूदा प्रावधानों की दोबारा समीक्षा करने की आवश्यकता महसूस की गई। सरकार का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में विज्ञापन संबंधी नियमों को अधिक लचीला बनाने की जरूरत है।
मंत्रालय के अनुसार, भारत में टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र काफी हद तक विज्ञापनों पर निर्भर है। यह स्थिति पेड चैनलों और फ्री-टू-एयर चैनलों दोनों के लिए लागू होती है। ऐसे में विज्ञापन अवधि पर निर्धारित सीमा का प्रसारण कंपनियों के व्यावसायिक संचालन पर प्रभाव पड़ता है।
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सरकार ने यह भी कहा कि पारंपरिक टेलीविजन चैनलों और डिजिटल मीडिया के बीच विज्ञापन के मामले में समान अवसर का अभाव है। डिजिटल मीडिया पर विज्ञापन अवधि को लेकर इस तरह की कोई निर्धारित सीमा नहीं है। इसलिए टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र को बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की आवश्यकता महसूस की गई।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का मानना है कि टेलीविजन उद्योग के भीतर और टेलीविजन तथा डिजिटल मीडिया के बीच पर्याप्त प्रतिस्पर्धा मौजूद है। इसी आधार पर सरकार ने विज्ञापन अवधि की सीमा को हटाने का निर्णय लिया है।
टेलीविजन चैनलों के लिए विज्ञापन अवधि की सीमा 2006 में केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के तहत लागू की गई थी। लगभग दो दशक बाद इसमें बदलाव का फैसला प्रसारण क्षेत्र के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
इस निर्णय से टीवी चैनलों को विज्ञापन प्रसारण की रणनीति तय करने में अधिक स्वतंत्रता मिलने की उम्मीद है। हालांकि, नए प्रावधान अधिसूचना जारी होने के बाद ही औपचारिक रूप से प्रभावी होंगे।
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