राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को एक बार फिर बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर है और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही है।
जितेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर से अब तक सीजेपी प्रतिनिधियों को औपचारिक रूप से चार बार वार्ता का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और बैठक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सरकारी आवास या उनके कार्यालय में, सीजेपी की सुविधा के अनुसार आयोजित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहती है। जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे बातचीत के लिए आगे आएं ताकि छात्रों के हित में सकारात्मक समाधान निकाला जा सके।
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जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना के फैसले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं तथा उनके भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। इसी सोच के तहत यह निर्णय लिया गया है ताकि पेपर लीक जैसे मामलों की शीघ्र सुनवाई हो और दोषियों को जल्द एवं कड़ी सजा मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह फैसला छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे लगातार कदमों की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने दोहराया कि जो भी व्यक्ति परीक्षा प्रणाली की पवित्रता से खिलवाड़ करने का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अंत में उन्होंने सीजेपी से फिर अपील की कि वह बातचीत का रास्ता अपनाए और मिलकर इस विवाद का समाधान खोजने में सहयोग करे।
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