केंद्र सरकार की कपास उत्पादकता मिशन के तहत गुजरात को 134.80 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर की गई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य में कपास की खेती की उत्पादकता बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना है। इस मिशन के लिए किसान 10 जुलाई से आवेदन कर सकेंगे।
यह मिशन गुजरात के 21 कपास उत्पादक जिलों में लागू किया जाएगा और इसके तहत एक लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से कपास उत्पादन की गुणवत्ता और प्रति हेक्टेयर उपज में उल्लेखनीय सुधार होगा।
योजना के तहत किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीकों, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, कीट नियंत्रण उपायों और अन्य आवश्यक कृषि संसाधनों के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा, ताकि वे वैज्ञानिक तरीकों से खेती कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें।
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राज्य सरकार के कृषि विभाग ने बताया कि पात्र किसान 10 जुलाई से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के बाद पात्रता के आधार पर किसानों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। विभाग ने किसानों से समय पर आवेदन करने और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की अपील की है।
सरकार का कहना है कि कपास गुजरात की प्रमुख नकदी फसलों में से एक है और बड़ी संख्या में किसान इसकी खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में यह मिशन न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि किसानों की लागत कम करने और उनकी आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया गया तो इससे राज्य के कपास क्षेत्र में आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा और गुजरात देश के प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकेगा।
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