गुजरात में एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसके तार अब संगठित अपराध और हत्या के मामलों से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। गुजरात पुलिस की सीआईडी क्राइम साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने इस अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 53 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने आनंद और अहमदाबाद से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह देशभर के लगभग 20 राज्यों में दर्ज 132 साइबर अपराध मामलों से जुड़ा हुआ था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक आरोपी द्वारा उपलब्ध कराया गया “म्यूल बैंक खाता” पूर्व नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या से जुड़े एक अलग संगठित अपराध मामले से भी कथित रूप से जुड़ा हुआ पाया गया। इससे संकेत मिलता है कि साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते बड़े अपराधों में भी उपयोग हो सकते हैं।
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पुलिस के अनुसार, गिरोह लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेता था। इन खातों का इस्तेमाल निवेश धोखाधड़ी, यूपीआई फ्रॉड और फर्जी ट्रेडिंग योजनाओं से कमाए गए पैसे को ट्रांसफर करने में किया जाता था।
जांच में 197 बैंक खातों की पहचान हुई, जिनमें से 60 सक्रिय रूप से अवैध लेनदेन में इस्तेमाल हो रहे थे। कुल मिलाकर करीब 53.55 करोड़ रुपये का लेनदेन इस नेटवर्क के जरिए हुआ।
पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज, चेकबुक और डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। “ऑपरेशन म्यूल हंट” के तहत अब तक हजारों खातों और सिम कार्ड को ब्लॉक किया जा चुका है।
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