गुजरात सरकार का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसकी अगुवाई उपमुख्यमंत्री हर्ष आर. संघवी कर रहे हैं, स्विट्ज़रलैंड के दावोस-क्लोस्टर्स में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 में भाग लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान गुजरात प्रतिनिधिमंडल ने अब तक 30 से अधिक वैश्विक निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत के नेताओं के साथ अहम बैठकें की।
यह गुजरात का पहला प्रतिनिधिमंडल है, जो WEF जैसे वैश्विक मंच पर संरचित और उच्चस्तरीय संवाद के लिए पहुंचा है। अधिकारियों के अनुसार, इस भागीदारी का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना, वैश्विक निवेश आकर्षित करना और राज्य के दीर्घकालिक विकास एजेंडे को आगे बढ़ाना है।
प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक कंपनियों, निवेश फर्मों और नीति-निर्माताओं के साथ औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे, नवाचार, हरित ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा की। इन बैठकों में गुजरात की निवेश-अनुकूल नीतियों, मजबूत औद्योगिक आधार और कुशल मानव संसाधन को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
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गुजरात सरकार ने स्पष्ट किया कि WEF 2026 में यह भागीदारी ‘विकसित गुजरात@2047’ विज़न के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य अगले दो दशकों में गुजरात को आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक रूप से अग्रणी राज्य बनाना है। इस विज़न के तहत टिकाऊ विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि WEF में की गई ये बैठकें भविष्य में ठोस निवेश प्रस्तावों, तकनीकी साझेदारी और दीर्घकालिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेंगी। इससे न केवल गुजरात की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि भारत के समग्र विकास में भी योगदान होगा।
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