गुजरात सरकार ने भावनगर जिले के पालिताना स्थित शत्रुंजय पहाड़ी पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने का फैसला किया है। क्षेत्र में हाल ही में शेरों की मौजूदगी देखे जाने के बाद वन विभाग ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत ड्रोन और वॉच टावर का इस्तेमाल किया जाएगा।
हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल शत्रुंजय पहाड़ी पर स्थित जैन मंदिरों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में वन विभाग के सामने तीर्थयात्रियों को शेरों और अन्य जंगली जानवरों से सुरक्षित रखने की चुनौती है। गुजरात सरकार के अनुसार, वन विभाग के कर्मचारी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार और पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा प्रमुख स्थानों पर वॉच टावर बनाए या इस्तेमाल किए जाएंगे, जहां से वनकर्मी आसपास के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों पर नजर रख सकेंगे। किसी भी वन्यजीव की गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारियों का उद्देश्य श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। वन विभाग की टीमें शेरों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ तीर्थयात्रियों को आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी देंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा और मानव जीवन की रक्षा, दोनों को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए जा रहे हैं। पालिताना में बढ़ाई जा रही निगरानी व्यवस्था से हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की उम्मीद है।
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