हरियाणा सरकार ने जनता के वित्तीय हितों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कोटक महिंद्रा बैंक से कुल 127.27 करोड़ रुपये वसूल किए हैं। पंचकुला नगर निगम ने इस वसूली को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिससे राज्य सरकार और नगर निगम के खातों में अब किसी बैंक पर कोई बकाया नहीं बचा है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह राशि बैंक से लंबित कर्ज और अन्य वित्तीय देनों के रूप में वसूली गई थी। इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक निधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बकाया रकम को शीघ्रता से सरकारी खजाने में लौटाना था।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि कोटक महिंद्रा बैंक के साथ समन्वित प्रयासों और कर्ज वसूली की रणनीति के माध्यम से यह राशि प्राप्त की गई। इस वसूली के बाद राज्य सरकार अब वित्तीय स्थिरता और अन्य विकास योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर सकती है।
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अधिकारियों ने यह भी बताया कि अब हरियाणा में किसी भी सरकारी खाते पर किसी भी बैंक के बकाया का बोझ नहीं है, जो राज्य के वित्तीय प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की वसूली से न केवल सरकारी खजाने को मजबूती मिलती है, बल्कि निवेशकों और जनता के विश्वास में भी वृद्धि होती है। पंचकुला नगर निगम की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल पेश करती है।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसी सभी लंबित देनों की नियमित समीक्षा और वसूली की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा, ताकि सार्वजनिक धन का सही और समय पर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
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