हिमाचल प्रदेश सरकार ने अवैध खनन पर अंकुश लगाने और खनिज परिवहन को अधिक नियंत्रित बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य में अब अन्य राज्यों से आने वाले खनिज वाहनों पर निर्धारित चेक पोस्ट शुल्क लगाया जाएगा।
जारी आदेश के अनुसार, जो वाहन खनिज सामग्री लेकर हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करेंगे, उन्हें चेक पोस्ट पर तय शुल्क का भुगतान करना होगा। इस नई व्यवस्था के तहत ट्रैक्टर ट्रॉली और छोटे वाहनों से ₹1,000 का शुल्क लिया जाएगा। वहीं सिंगल एक्सल वाहनों पर ₹1,500 का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा मल्टी एक्सल भारी वाहनों पर भी अलग श्रेणी के अनुसार शुल्क लागू किया जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य अवैध खनन की गतिविधियों को रोकना और खनिज संसाधनों के परिवहन को पारदर्शी बनाना है। लंबे समय से राज्य में अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे पर्यावरण और सरकारी राजस्व दोनों को नुकसान हो रहा था।
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चेक पोस्ट पर वाहनों की सख्त जांच की जाएगी और बिना वैध दस्तावेज के किसी भी वाहन को आगे नहीं जाने दिया जाएगा। संबंधित विभागों को निगरानी बढ़ाने और नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल अवैध खनन पर रोक लगेगी, बल्कि राज्य की आय में भी वृद्धि होगी। साथ ही खनिज परिवहन प्रणाली अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनेगी।
इस फैसले के बाद राज्य में खनन और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों में भी हलचल देखी जा रही है।
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