फुटबॉल के दिग्गज और पूर्व स्वीडिश स्ट्राइकर ज़्लाटन इब्राहिमोविच ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस और पराग्वे के बीच हुए मुकाबले को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पराग्वे की खेल शैली को “गंदा खेल” बताते हुए आलोचना की और कहा कि अगर वह मैदान पर होते तो इसे अलग तरीके से संभालते।
इस मुकाबले में फ्रांस ने पराग्वे को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। एकमात्र गोल किलियन एमबाप्पे द्वारा पेनल्टी पर किया गया। पराग्वे ने पिछले राउंड में जर्मनी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था, लेकिन फ्रांस के खिलाफ उन्होंने पूरी तरह रक्षात्मक रणनीति अपनाई।
ज़्लाटन इब्राहिमोविच ने Fox Sports पर कहा, “अगर मैं आज रात खेलता तो मुझे 4 या 5 रेड कार्ड मिल जाते। फ्रांस ने संयम दिखाया, वे शांत रहे और मुस्कुराते रहे। यही सबसे अच्छा तरीका है—मुस्कुराओ और उनके खेल में मत फंसो।”
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मैच के बाद फ्रांस के कोच डिडिएर देशां ने भी बताया कि उन्होंने एमबाप्पे की सुरक्षा के लिए विशेष रणनीति अपनाई। उन्होंने कहा कि अंतिम समय में दो मजबूत खिलाड़ियों को एमबाप्पे के आसपास खड़ा किया गया ताकि पराग्वे के खिलाड़ी उन्हें चोट न पहुंचा सकें।
देशां ने कहा, “उन्होंने हर तरह की चाल चली। यह वह फुटबॉल नहीं है जो दर्शकों को आकर्षित करे, लेकिन उन्होंने अच्छा बचाव किया।”
फ्रांस अब क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुका है और टीम का लक्ष्य खिताब जीतना है। टीम के कप्तान किलियन एमबाप्पे शानदार फॉर्म में हैं और लगातार टीम को आगे ले जा रहे हैं। फ्रांस की उम्मीदें अब उनके प्रदर्शन पर टिकी हैं और आने वाले मैचों में उनका खेल निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
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