अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने संबंधी पुलिस नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट 26 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। सोमवार को यह मामला चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच के सामने रखा गया, जहां केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने याचिका का अध्ययन करने के लिए समय मांगा। इसके बाद अदालत ने सुनवाई की तारीख तय की।
43 वर्षीय इमरान खान ने मुंबई पुलिस और फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के इस नोटिस को गैर-कानूनी और मनमाना बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। सुनवाई के दौरान इमरान खान के सीनियर वकील वेंकटेश धोंड ने जल्द सुनवाई की मांग करते हुए तर्क दिया कि पुलिस ने इमरान को 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने के लिए कहा है। वकील ने अदालत को बताया कि इमरान 2 साल की उम्र से ही भारत में रह रहे हैं और उनके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड या मामला पेंडिंग नहीं है। उनका कहना था कि इमरान किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे, बल्कि रास्ते में थे तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया।
मुंबई के FRRO ने शनिवार को इमरान खान को दूसरा नोटिस भी भेजा, जिसमें पूछा गया है कि उनका ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड क्यों न रद्द किया जाए। इमरान को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, जबकि पहले नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर से पहले भारत छोड़ने को कहा गया था।
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इसी बीच इमरान खान के मामा आमिर खान ने रविवार को मुंबई स्थित महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अध्यक्ष राज ठाकरे से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात की वजह सामने नहीं आई है, लेकिन यह ऐसे समय हुई जब इमरान खान को भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
मामले की जड़ 10 अक्टूबर की घटना है, जब इमरान खान ने मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। अगस्त क्रांति मैदान से पहले बैरिकेड पर पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में लिया था। इमरान का कहना है कि उन्हें मीडिया से पता चला कि इस मामले में उनका नाम FIR में दर्ज है। उनकी लीगल टीम ने पुलिस से इलाके के CCTV फुटेज की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे प्रदर्शन में शामिल थे या नहीं। वकील के मुताबिक इमरान उस दिन नाना चौक से गुजर रहे थे और रास्ता बंद होने पर मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब दिया था।
यह पूरा मामला बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत के बाद शुरू हुआ, जिन्होंने मुंबई पुलिस और FRRO को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक होने के नाते इमरान खान का राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होना OCI नियमों और वीजा शर्तों का उल्लंघन है। नागरिकता कानून के अनुसार OCI कार्डधारकों को भारत में रहने-आने की सुविधा मिलती है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होती।
मिड-डे की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस विवाद का असर इमरान खान की कमबैक फिल्म 'अधूरे हम अधूरे तुम' की रिलीज और प्रमोशन पर पड़ सकता है, जिसे दिसंबर में नेटफ्लिक्स पर रिलीज करने की योजना थी। फिल्म की टीम स्थिति साफ होने तक प्रमोशन शुरू नहीं करना चाहती। इमरान आखिरी बार 2015 में फिल्म 'कट्टी बट्टी' में नजर आए थे और करीब 11 साल बाद भूमि पेडनेकर के साथ इस फिल्म से वापसी करने वाले हैं।
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