भारत और अफगानिस्तान ने द्विपक्षीय व्यापार को और सुगम बनाने तथा आर्थिक सहयोग मजबूत करने के उपायों की समीक्षा की। दोनों देशों के बीच यह चर्चा 1 सितंबर को आयोजित भारत-अफगानिस्तान व्यापार, वाणिज्य और निवेश पर संयुक्त कार्य समूह की वर्चुअल बैठक में हुई।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, बैठक में दोनों देशों के वाणिज्य, उद्योग, सीमा शुल्क, नियामक प्राधिकरणों और राजनयिक मिशनों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापार से जुड़ी बाधाओं को दूर करना और दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक संबंधों को और मजबूत बनाना था।
बैठक के दौरान व्यापार सुगमता और सीमा शुल्क सहयोग, अफगान व्यापारियों के लिए वीजा सुविधा, बैंकिंग एवं वित्तीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा दवा और कृषि उत्पादों के व्यापार, ऊर्जा सहयोग, निवेश एवं व्यापार प्रोत्साहन, शुल्क रियायतों तथा माल ढुलाई संपर्क और बंदरगाह से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।
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दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत सहयोग बढ़ाने और बैठक में चिन्हित मुद्दों पर आगे की कार्रवाई करने पर सहमति जताई। इसमें सीमा शुल्क तथा आंकड़ों के आदान-प्रदान में बेहतर सहयोग, दवा और कृषि क्षेत्रों में नियामकीय समन्वय बढ़ाना तथा व्यापार संपर्क को मजबूत करना शामिल है।
भारत और अफगानिस्तान ने निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ कारोबारियों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। दोनों देशों के अधिकारियों ने व्यापार, वाणिज्य और निवेश संबंधों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, बैठक सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक माहौल में हुई। दोनों पक्षों ने चर्चा किए गए मुद्दों पर लगातार संपर्क बनाए रखने और आवश्यक कदमों की आगे समीक्षा करने पर भी सहमति व्यक्त की। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक एवं कारोबारी सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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