अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए जाने वाले पारस्परिक टैरिफ में कटौती की घोषणा के बाद केंद्र सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को कहा कि इस फैसले से भारत के निर्यात को और गति मिलेगी तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी।
एक साक्षात्कार में वित्त मंत्री ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ में कमी भारत के लिए “शुभ संकेत” है। उन्होंने बताया कि अब अमेरिका में भारतीय निर्यात पर 18 प्रतिशत की दर से शुल्क लगेगा, जिससे निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौता हुआ है, जिसके तहत वाशिंगटन ने भारतीय सामानों पर लगाए जाने वाले पारस्परिक टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (3 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद इस समझौते की जानकारी दी थी। इससे पहले भारतीय उत्पादों पर अधिक दर से शुल्क लगाया जा रहा था, जिससे निर्यात पर असर पड़ रहा था।
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हालांकि, इस व्यापार समझौते के विस्तृत प्रावधानों का आधिकारिक ऐलान अभी होना बाकी है। इसके बावजूद वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि यह कदम भारत की निर्यात रणनीति को मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे बड़े बाजार में शुल्क में कमी का लाभ अन्य नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिल रहे अवसरों के साथ मिलकर भारत के कुल निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
सीतारमण ने यह भी संकेत दिया कि सरकार निर्यातकों को नए बाजारों से जोड़ने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा नीतिगत समर्थन और अनुकूल वैश्विक परिस्थितियों के चलते आने वाले समय में भारतीय निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी।
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