हरियाणा के जींद (हरियाणा) में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के सफल ट्रायल के बाद अब इसके व्यावसायिक संचालन की तैयारी तेज हो गई है। यह ट्रेन पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त तकनीक पर आधारित है और भारतीय रेलवे की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस परियोजना के तहत दिल्ली मंडल (DRM) के डिविजनल रेलवे मैनेजर पुष्पेश त्रिपाठी ने अधिकारियों की टीम के साथ जींद जंक्शन, हाइड्रोजन प्लांट और स्टेडियम हेलीपैड का निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के बाद DRM पुष्पेश त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन के ट्रायल अब अंतिम चरण में हैं। सोनीपत–जींद रूट पर पहले ही सफल स्पीड ट्रायल किया जा चुका है, जहां ट्रेन ने 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की।
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इसके अलावा, भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए दिल्ली–सोनीपत और जींद–दिल्ली रूट पर भी परीक्षण जारी है। उन्होंने कहा कि अगले 10 से 12 दिनों में ट्रायल प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
हालांकि, ट्रेन के नियमित संचालन की अंतिम अनुमति RDSO (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) की रिपोर्ट और मंजूरी पर निर्भर करेगी। जैसे ही हरी झंडी मिलेगी, ट्रेन को आम यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना भारत के ग्रीन एनर्जी ट्रांसपोर्ट सिस्टम की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही देश के प्रधानमंत्री इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित कर सकते हैं।
DRM ने यह भी बताया कि फिलहाल किसी आधिकारिक उद्घाटन तिथि की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं ताकि लॉन्च पूरी तरह सुचारू हो सके।
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