भारतीय रेलवे ने बिना टिकट और गलत टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए जुर्माने की राशि में बड़ा इजाफा किया है। करीब 13 साल बाद रेलवे प्रशासन ने जुर्माना दरों में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत बिना टिकट यात्रा करने पर अब न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये की जगह 500 रुपये देना होगा। यह व्यवस्था 20 जून से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
रेलवे अधिनियम-1989 में किए गए संशोधन के अनुसार, यदि कोई यात्री बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे यात्रा किराए के साथ कम से कम 500 रुपये अतिरिक्त जुर्माना देना होगा। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल बिना टिकट यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगी। दूसरे व्यक्ति के टिकट पर यात्रा करने, जनरल टिकट लेकर स्लीपर या एसी कोच में सफर करने, साधारण टिकट से सुपरफास्ट या एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा करने, तथा प्लेटफॉर्म टिकट के बिना स्टेशन परिसर में पाए जाने पर भी जुर्माना लगाया जाएगा।
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उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर, बीकानेर, जयपुर और जोधपुर मंडलों में विशेष टिकट जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। पीसीसीएम डॉ. सीमा शर्मा के निर्देश पर विभिन्न मंडलों के अधिकारियों को बड़े स्टेशनों और ट्रेनों में औचक जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा टिकट जांच व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पीसीसीएम स्क्वॉड यानी स्पेशल टिकट चेकिंग स्क्वॉड में छह पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई है। चयनित कर्मचारियों को विशेष जांच, ऑन-बोर्ड निरीक्षण और राजस्व संरक्षण से जुड़े कार्य सौंपे जाएंगे।
रेलवे का मानना है कि इन कड़े कदमों से बेटिकट यात्रा पर अंकुश लगेगा, राजस्व नुकसान कम होगा और यात्रियों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
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