भारत और जापान ने स्टार्टअप, डीप टेक्नोलॉजी, नवाचार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने टोक्यो में आयोजित भारत-जापान स्टार्टअप राउंडटेबल में कहा कि भारत पिछले एक दशक में दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा है।
पीयूष गोयल ने कहा कि बीते दस वर्षों में भारत में करीब 2.5 लाख स्टार्टअप स्थापित हुए हैं। देश का विशाल घरेलू बाजार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित यानी एसटीईएम क्षेत्र की प्रतिभा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से विस्तार करता नवाचार तंत्र इस वृद्धि के प्रमुख आधार रहे हैं।
मंत्री ने भारत-जापान स्टार्टअप सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए चार स्तंभों वाला ढांचा प्रस्तावित किया। इसमें जापान-भारत डीप-टेक कैपिटल कॉरिडोर, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों को जोड़ने वाला टू-वे इनोवेशन ब्रिज, विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी एकीकरण और दोनों देशों के स्टार्टअप संस्थापकों तथा निवेशकों के लिए संयुक्त पिचिंग प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
और पढ़ें: नेपाल में लापता भारतीयों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करे सरकार: राहुल और प्रियंका गांधी
गोयल ने सरकार के प्रस्तावित दूसरे फंड ऑफ फंड्स का भी उल्लेख किया, जिसका आकार लगभग 1 अरब डॉलर होगा और इसका विशेष ध्यान डीप-टेक उद्यमों पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने जापानी निवेशकों को इस पहल में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।
जापान में भारत की राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक ने कहा कि इंडिया-जापान पिचिंग सीरीज के माध्यम से अब तक 65 भारतीय स्टार्टअप लगभग 100 जापानी कंपनियों से जुड़े हैं, जिससे 30 से अधिक व्यावसायिक साझेदारियां हुई हैं।
जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शोहेई हारा ने दोनों देशों के बीच दोतरफा साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया। निवेशकों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य सेवा, अंतरिक्ष, रक्षा और उन्नत विनिर्माण को भविष्य के प्रमुख निवेश क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि भारत की प्रतिभा, पैमाना और डिजिटल क्षमताओं को जापान की उन्नत तकनीक, विनिर्माण विशेषज्ञता और दीर्घकालिक निवेश के साथ जोड़कर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यम विकसित किए जा सकते हैं।
और पढ़ें: हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली स्थल के शुद्धिकरण पर उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष का बचाव