केंद्र सरकार ने देश में हवाई यात्रा को ज्यादा सुलभ और आसान बनाने के लिए अगले 10 वर्षों में 100 नए हवाई अड्डे विकसित करने की योजना तैयार की है। इस विस्तार पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के अनुसार, इन हवाई अड्डों को क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) के तहत विकसित किया जाएगा।
राममोहन नायडू ने यह जानकारी गुजरात के अहमदाबाद हवाई अड्डे से भारत की तीसरी ‘हब एंड स्पोक’ सेवा का उद्घाटन करते हुए दी। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी मौजूद रहे।
‘हब एंड स्पोक’ सेवा का उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों और छोटे शहरों से यात्रियों को बड़े हवाई अड्डों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और अन्य प्रमुख गंतव्यों तक सीधे और सुगम संपर्क उपलब्ध कराना है। मंत्री ने बताया कि इस सेवा की शुरुआत वाराणसी और अमृतसर से की गई थी, जहां यात्रियों से इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
और पढ़ें: दिल्ली के रोहिणी में 60 वर्षीय व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या, भतीजी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में पिछले 12 वर्षों में हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए नायडू ने कहा कि 2014 में देश में 74 परिचालन हवाई अड्डे थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 166 हो गई है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में औसतन हर 40 दिन में एक नए हवाई अड्डे या नए टर्मिनल का निर्माण पूरा हुआ है।
मंत्री ने कहा कि बीते वर्षों की उपलब्धियां केवल शुरुआत हैं और उड़ान योजना ने देश के हवाई संपर्क नेटवर्क का बड़े स्तर पर विस्तार किया है।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च में क्षेत्रीय संपर्क योजना के संशोधित संस्करण ‘संशोधित उड़ान’ को मंजूरी दी थी। इस परियोजना का कुल वित्तीय परिव्यय 28,840 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार की बजटीय सहायता भी शामिल है।
और पढ़ें: शिक्षक दिवस पर SRCC पहुंच सकते हैं पीएम मोदी, 5 सितंबर को छात्रों से करेंगे संवाद