एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत करीब 500 खिलाड़ियों के दल के साथ आइची-नागोया पहुंचने की तैयारी में है। हांगझोउ एशियन गेम्स में 106 पदक जीतने के बाद भारत इस बार अपना सर्वश्रेष्ठ पदक प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रहा है। हांगझोउ में भारत ने 28 स्वर्ण पदक जीते थे।
भारत के प्रमुख स्वर्ण पदक दावेदारों में कबड्डी सबसे अहम है। पुरुष और महिला दोनों टीमें पिछली एशियाई खेलों की चैंपियन हैं। दोनों ने 2025 कबड्डी विश्व कप में भी स्वर्ण जीता था।
क्रिकेट में पुरुष और महिला दोनों टीमें हांगझोउ में स्वर्ण जीत चुकी हैं और आइची-नागोया में खिताब बचाने उतरेंगी। पुरुष हॉकी टीम भी एशिया में मजबूत दावेदार है, जबकि महिला टीम 44 साल बाद स्वर्ण पदक हासिल करने की कोशिश करेगी।
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तीरंदाजी में ज्योति सुरेखा वेन्नम और धीरज बोम्मदेवरा से बड़ी उम्मीदें हैं। ज्योति ने हांगझोउ में तीन स्वर्ण पदक जीते थे, जबकि धीरज ने हाल ही में विश्व कप में स्वर्ण जीतकर शानदार फॉर्म दिखाई है।
शूटिंग में ईशा सिंह और मनु भाकर भारत की प्रमुख उम्मीदें हैं। ईशा ने 2026 में विश्व कप में स्वर्ण जीते हैं, जबकि दो ओलंपिक पदक जीत चुकीं मनु अपने पहले व्यक्तिगत एशियाई खेल स्वर्ण की तलाश में होंगी।
बैडमिंटन में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, शॉटपुट में तजिंदरपाल सिंह तूर और हाई जंप में सर्वेश कुशारे भी पदक की दौड़ में हैं।
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