तेलंगाना में मनाए जा रहे प्रसिद्ध बोनालू महोत्सव के अवसर पर रविवार को सिकंदराबाद स्थित उज्जैनी महाकाली मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। करीब 30 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद लाखों श्रद्धालु मां महाकाली के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे। मंदिर के बाहर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, जो आसपास की सड़कों पर लगभग एक किलोमीटर तक फैली हुई थीं।
श्रद्धालु सुबह करीब पांच बजे से ही मंदिर पहुंचने लगे थे। शुरुआती घंटों में दर्शन अपेक्षाकृत जल्दी हो गए, लेकिन सुबह आठ बजे के बाद भीड़ तेजी से बढ़ने लगी। इसके बाद श्रद्धालुओं को कई घंटे तक धूप में कतारों में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
बोनालू महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर सिर पर 'बोनम' लेकर मंदिर की ओर प्रस्थान किया। बोनम एक विशेष मिट्टी का पात्र होता है, जिसमें दूध और गुड़ से बना चावल रखा जाता है। इसके साथ दही, चीनी, हल्दी मिश्रित जल और अन्य पूजन सामग्री भी देवी को अर्पित की जाती है। मान्यता है कि इस पूजा से मां महाकाली प्रसन्न होकर परिवार को सुख, समृद्धि और संकटों से रक्षा का आशीर्वाद देती हैं।
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श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और चिकित्सा सहायता के लिए विशेष व्यवस्था की गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बोनालू महोत्सव तेलंगाना का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व है, जिसे विशेष रूप से हैदराबाद और सिकंदराबाद में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस अवसर पर मां महाकाली के दर्शन कर परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हैं।
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