भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को सपाट शुरुआत की। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। हालांकि, मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की लगातार खरीदारी ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 15.74 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 77,638.86 अंक पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं निफ्टी-50 0.65 अंक की हल्की कमजोरी के साथ 24,249.55 अंक पर खुला।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका असर निवेशकों के भरोसे पर भी पड़ा है।
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बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने कहा कि भारतीय बाजार वैश्विक प्रौद्योगिकी शेयरों में कमजोरी से खुद को अलग रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अब भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के ईरान पर नए हमलों और ब्रेंट क्रूड के 90 डॉलर के करीब पहुंचने से भारतीय बाजारों पर दबाव बना रह सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य, लाल सागर और कैस्पियन सागर जैसे प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों से जुड़े तनाव ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।
इस बीच निवेशकों की नजर अमेरिका के फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को 3.5 से 3.75 प्रतिशत के बीच स्थिर रखने के फैसले पर भी रही। हालांकि, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) में तीन सदस्यों द्वारा ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में मतदान किए जाने से भविष्य में सख्त मौद्रिक नीति की संभावना बनी हुई है।
क्षेत्रीय सूचकांकों में निफ्टी आईटी 1.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। इसके अलावा निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑटो, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी मेटल में भी तेजी दर्ज की गई। वहीं निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी मीडिया शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व का अपेक्षाकृत सख्त रुख शेयर बाजार के लिए प्रमुख चुनौती हैं। हालांकि, भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, बेहतर व्यापक आर्थिक आधार और जुलाई में एफपीआई की शुद्ध खरीदारी घरेलू बाजार को मजबूती प्रदान कर सकती है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225, ताइवान का वेटेड इंडेक्स और दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त में रहे, जबकि सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स और हांगकांग का हैंग सेंग शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
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