दिल्ली पुलिस ने जुलाई में जंतर-मंतर पर कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के पिता से कथित मारपीट के मामले में इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
अधिकारियों के अनुसार, भारद्वाज को शुक्रवार को सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद की शिकायत के आधार पर हिरासत में लिया गया। निशु ने आरोप लगाया था कि उनके पिता संजय आजाद के साथ भारद्वाज ने मारपीट की थी। उन्होंने एक वीडियो जारी कर पुलिस पर मामले में एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही का आरोप लगाया था और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मदद की अपील की थी।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब भारद्वाज का एक वीडियो इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें उन्होंने कथित तौर पर दावा किया कि उन्होंने प्रदर्शनकारी के पिता का सिर फोड़ दिया था। उन्होंने चोट के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 307 का जिक्र करते हुए कहा था कि घायल व्यक्ति को 60 टांके लगे थे।
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हालांकि, बाद में भारद्वाज ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। उनका दावा था कि 10-15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था और इसी दौरान उनके हाथ से संजय के सिर पर चोट लगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार चोट गंभीर नहीं थी और वह जांच में सहयोग कर रहे हैं।
पुलिस ने अब एफआईआर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी हैं। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 351(3), 78 और 79 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 भी लगाई गई हैं।
नाबालिग कार्यकर्ता ने आरोप लगाया था कि घटना के खिलाफ आवाज उठाने के बाद उसे दुष्कर्म की धमकियां, गाली-गलौज और मॉर्फ की गई तस्वीरों के जरिए ऑनलाइन निशाना बनाया गया।
मामले में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने संसद मार्ग थाने के अधिकारियों से मुलाकात कर भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
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