ओमान के तट के पास एक बड़ा समुद्री हादसा सामने आया है, जहां ईरान की ओर से एक टोगो-ध्वजांकित केमिकल टैंकर पर गोलीबारी की गई। इस जहाज पर भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। भारत सरकार ने सोमवार को इस घटना की पुष्टि की।
यह घटना 25 अप्रैल को शिनास बंदरगाह के बाहरी क्षेत्र के पास हुई, जब MT Siron नामक टैंकर अन्य जहाजों के साथ यात्रा कर रहा था। इसी दौरान ईरानी कोस्ट गार्ड ने उसे रोकने की कोशिश की और चेतावनी के तौर पर फायरिंग की।
बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारी मंदीप सिंह रंधावा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह जहाज अन्य पोतों के साथ चल रहा था और इसी दौरान ईरानी बलों ने उसे इंटरसेप्ट किया। उन्होंने कहा कि इस घटना में सभी भारतीय क्रू सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
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सरकार ने बताया कि वह इस मामले में विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि क्षेत्र में भारतीय नाविकों और शिपिंग संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले भी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दो भारतीय जहाजों—VLCC Sanmar Herald और बल्क कैरियर Jag Arnav—पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फायरिंग की थी, जिसके कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा था। हालांकि उस घटना में किसी भी क्रू सदस्य को चोट नहीं आई थी।
भारत ने इन घटनाओं पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। यह पहली बार है जब फरवरी 2026 के बाद पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरानी सुरक्षा बलों द्वारा किसी भारतीय जहाज को निशाना बनाया गया है।
सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
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