अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए कड़े नियम लागू करने की घोषणा की है। ईरान ने साफ किया है कि अब इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों को “निर्धारित मार्ग” का पालन करना होगा और इसके लिए ईरानी अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वॉशिंगटन पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के दावे पूरी तरह झूठे हैं और इस तरह के दबाव के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
ग़ालिबाफ ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति का निर्धारण जमीनी हालात के आधार पर होगा, न कि अमेरिका द्वारा दिए गए बयानों से। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी जारी रहती है, तो यह जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा।
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ईरानी अधिकारियों ने दोहराया कि सभी जहाजों को ईरान द्वारा तय किए गए मार्गों का पालन करना होगा और बिना अनुमति प्रवेश नहीं मिलेगा। नागरिक जहाजों को सीमित शर्तों के तहत अनुमति दी जा सकती है, जबकि सैन्य जहाजों पर सख्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि यदि अमेरिका ने उसके बंदरगाहों को निशाना बनाना जारी रखा, तो तेहरान “उचित जवाबी कार्रवाई” करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान खुद को इस जलडमरूमध्य का “रक्षक” मानता है और नियंत्रण के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने भी जहाजों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार का बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का नियंत्रण या व्यवधान अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर सीधा असर डाल सकता है।
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