अमेरिका और ईरान के बीच हालिया हमलों ने मध्य पूर्व में तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है। इस बीच अमेरिकी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी पर पुनर्विचार कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने ओमान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर हमला किया था, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के ड्रोन, मिसाइल और रडार ठिकानों को निशाना बनाया। जवाब में ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए।
28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में ईरान ने अब तक कम से कम 20 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें बहरीन स्थित नौसैनिक अड्डा (नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बहरीन) भी शामिल है। हालांकि पेंटागन ने बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उपग्रह तस्वीरों और वीडियो में क्षति के संकेत मिले हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों और पूर्व अधिकारियों का मानना है कि इन हमलों से अमेरिका को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। अमेरिका सऊदी अरब और कुवैत में मौजूद कुछ ठिकानों को पश्चिमी क्षेत्रों में स्थानांतरित करने पर विचार कर रहा है, ताकि वे ईरान की मारक क्षमता से बाहर रहें। इज़राइल को भी संभावित स्थानों में शामिल बताया गया है।
बहरीन स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे के पुनर्निर्माण पर लगभग 40 करोड़ डॉलर खर्च आने का अनुमान है। यह स्थिति उस समय और जटिल हो गई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान नीति को लेकर राजनीतिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
अमेरिकी सीनेट में भी हाल ही में ईरान युद्ध को रोकने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कई रिपब्लिकन सांसदों ने भी समर्थन दिया।
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