ईरान के सरकारी टेलीविजन ने चेतावनी दी कि यदि लेबनान में तेहरान समर्थित हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल के हमले जारी रहते हैं, तो अप्रैल की शुरुआत में ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम समाप्त हो सकता है। हालांकि इस संबंध में ईरानी अधिकारियों ने तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इससे पहले ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने दावा किया था कि इजरायल द्वारा लेबनान में सैन्य कार्रवाई तेज किए जाने के बाद तेहरान ने अमेरिका के साथ मध्यस्थों के जरिए चल रही अप्रत्यक्ष वार्ताओं को रोक दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान पर हमलों ने क्षेत्र में जारी कूटनीतिक प्रयासों को और जटिल बना दिया है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान की ओर से बातचीत निलंबित किए जाने की कोई सूचना नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से बहुत अधिक चर्चा हो चुकी है और कुछ समय तक चुप्पी बनाए रखना बेहतर होगा।
और पढ़ें: अमेरिका ने ईरानी रडार और ड्रोन ठिकानों पर किया हमला, कहा- आत्मरक्षा में उठाया कदम
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हमले के आदेश दिए। इजरायल का आरोप है कि हिज्बुल्लाह ने अप्रैल के अंत में हुए युद्धविराम का कई बार उल्लंघन किया है। इन हमलों के कारण लेबनान में पहले से विस्थापित 10 लाख से अधिक लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि किसी एक मोर्चे पर युद्धविराम का उल्लंघन सभी मोर्चों पर युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने अमेरिका और इजरायल को इसके संभावित परिणामों के लिए जिम्मेदार ठहराया।
इस बीच, क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है। तस्नीम की रिपोर्ट के बाद कच्चे तेल की कीमतों में छह डॉलर प्रति बैरल से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। होरमुज जलडमरूमध्य और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
और पढ़ें: इज़राइल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह से जुड़े 50 ठिकानों पर हमले किए