ईरान और इज़राइल के बीच जारी युद्ध अब 16वें दिन में पहुंच गया है और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 28 फरवरी को बड़े पैमाने पर हुए हवाई हमलों से शुरू हुआ यह संघर्ष अब कई देशों को प्रभावित करने वाले व्यापक संकट में बदलता नजर आ रहा है।
युद्ध शुरू होने के बाद से हालात लगातार गंभीर होते गए हैं। दोनों पक्षों की ओर से हवाई हमले, मिसाइल हमले और नेताओं के कड़े बयान माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना रहे हैं। इससे यह आशंका बढ़ गई है कि यह संघर्ष आने वाले समय में और ज्यादा देशों तक फैल सकता है।
इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। दुनिया भर में तेल आपूर्ति और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह वैश्विक तेल परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। चीन और यूनाइटेड किंगडम ने यहां अपने युद्धपोत तैनात किए जाने की खबरों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
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इस बीच हाल के घंटों में ईरान ने राजधानी तेहरान में कई धमाकों की खबर दी है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी के अनुसार अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए हमलों में अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान का दावा है कि मृतकों में देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। इरावानी ने आरोप लगाया कि हमलों में रिहायशी इलाकों और महत्वपूर्ण नागरिक ढांचे को भी निशाना बनाया गया।
हालांकि मानवाधिकार संगठन “ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स” का कहना है कि मृतकों की संख्या इससे भी अधिक हो सकती है। संगठन के अनुसार अब तक कम से कम 1858 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें आम नागरिक और सैन्य कर्मी शामिल हैं।
यह संघर्ष अब ईरान से बाहर भी फैलता दिखाई दे रहा है। लेबनान में अधिकारियों का कहना है कि ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह द्वारा इज़राइल पर हमले शुरू करने के बाद इज़राइल की जवाबी कार्रवाई में अब तक कम से कम 773 लोगों की मौत हो चुकी है।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के कथित नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर सवाल उठाए हैं। ट्रंप ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मोजतबा खामेनेई जीवित हैं या नहीं। साथ ही उन्होंने न्यू खार्ग द्वीप पर संभावित हमले की चेतावनी भी दी है।
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