पूर्वी कांगो में इस्लामिक स्टेट से जुड़े एक उग्रवादी समूह द्वारा किए गए भीषण हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई है। यह हमला रविवार तड़के 25 जनवरी 2026 को हुआ, जिसकी पुष्टि इटूरी प्रांत में स्थित एक मानवाधिकार संगठन ने की है। इस हमले से क्षेत्र में दहशत का माहौल फैल गया है।
मानवाधिकार संगठन के अनुसार, यह हमला अलाइड डेमोक्रेटिक फोर्स (ADF) नामक आतंकी संगठन द्वारा किया गया, जो इस्लामिक स्टेट से जुड़ा हुआ माना जाता है। हमले में मारे गए लोगों में 15 पुरुष शामिल हैं, जिन्हें एक घर में जिंदा जला दिया गया। इसके अलावा, इटूरी प्रांत के इरूमु क्षेत्र के अपाकुलु गांव में सात लोगों को गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, वलेसे वोंकुतु प्रशासनिक क्षेत्र में तीन अन्य लोगों की जान गई।
मानवाधिकारों के सम्मान के लिए गठित संगठन ‘कन्वेंशन फॉर द रिस्पेक्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स’ के अध्यक्ष क्रिस्टोफ मुन्यांडेरु ने कहा, “यह घटना सुबह करीब चार बजे हुई और इसमें कम से कम 25 लोगों की जान चली गई। ADF द्वारा किया गया यह हमला एक वास्तविक नरसंहार है।”
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इस हमले को लेकर ADF की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पूर्वी कांगो का यह इलाका लंबे समय से हिंसा की चपेट में है और हाल के महीनों में यहां कई सशस्त्र समूहों द्वारा हमले किए गए हैं। इनमें इस्लामिक स्टेट से जुड़ा ADF और रवांडा समर्थित M23 विद्रोही समूह प्रमुख हैं।
ADF मुख्य रूप से युगांडा और कांगो की सीमा से सटे इलाकों में सक्रिय है और अब तक कई आम नागरिकों की हत्या कर चुका है। यह संगठन मूल रूप से युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के शासन के खिलाफ विद्रोह से उभरा था, लेकिन युगांडा की सेना की कार्रवाई के बाद इसे कांगो में शरण लेनी पड़ी। पिछले वर्ष जुलाई में भी इस समूह ने हमलों की एक श्रृंखला को अंजाम दिया था, जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गए थे।
वर्तमान में युगांडा और कांगो की सेनाएं इस आतंकी समूह के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान चला रही हैं, लेकिन इसके बावजूद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है।
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