फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में कॉकपिट के अंदर कप्तान पर कथित हमले और विमान के हजारों फीट नीचे गिरने के बाद इजरायल ने उसे मार गिराने की तैयारी कर ली थी। रिपोर्ट के अनुसार, विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 150 से अधिक इजरायली नागरिक थे। घटना के दौरान ओमानी सह-पायलट पर कप्तान को चाकू मारने और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश करने का आरोप है।
यह घटना पिछले सप्ताह उस समय हुई, जब विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। इजरायली सूत्रों के मुताबिक, विमान करीब 14,000 फीट नीचे गिरा और कॉकपिट से संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद इजरायल ने संभावित 9/11 जैसे हमले से निपटने के लिए अपनी पूर्व निर्धारित आपातकालीन प्रक्रिया सक्रिय कर दी।
इजरायली वायुसेना के लड़ाकू विमानों को रवाना किया गया और इजरायली हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया। हालांकि, बाद में विमान ने सऊदी अरब की ओर रुख किया और इजरायली लड़ाकू विमानों को वापस बुला लिया गया। इसके बाद सऊदी अरब ने भी अपने लड़ाकू विमान भेजे।
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रिपोर्ट के मुताबिक, कप्तान ने हमलावर का मुकाबला करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद कुछ इजरायली यात्रियों और फ्लाईदुबई कर्मचारियों ने सह-पायलट को काबू किया। विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने फिर कॉकपिट संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई।
इजरायल में संभावित अपहृत या नियंत्रण से बाहर विमान से निपटने के लिए एक विशेष प्रोटोकॉल है। जरूरत पड़ने पर लड़ाकू विमान संदिग्ध विमान के पास जाकर कॉकपिट और यात्रियों की स्थिति का आकलन करते हैं। यदि विमान को गंभीर खतरा माना जाए, तो उसे मार गिराने का विकल्प भी मौजूद है। अंतिम फैसला प्रधानमंत्री के स्तर पर लिया जाता है।
जांच में सह-पायलट हमाम अल-हमामी की भूमिका भी सामने आई है। एक इजरायली अधिकारी के अनुसार, पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि उसने फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले ही हमले की योजना बनाई थी। जांचकर्ताओं को फिलहाल इसके अकेले हमलावर की कार्रवाई होने का संदेह है, लेकिन जांच जारी है।
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